जम्मू कश्मीर से बड़ा हुआ लद्दाख: जानें आखिर कैसे पाकिस्तान नहीं बल्कि चीन है मोदी के रडार पर

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अगस्त महीने की शुरुआत में जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक ला कर धारा 370 (Article 370) के दो अहम प्रावधानों को हटाने और लद्दाख तथा जम्मू कश्मीर (Ladakh and Jammu and Kashmir) नामक दो नए केंद्र शासित प्रदेश बनाने के निर्णय को 31 अक्टूबर के दिन आधिकारिक मुहर लगा दी गई। भारत की अखंडता के दृष्टिकोण से इस निर्णय को एक मील का पत्थर माना जा रहा है। बहरहाल अब इस निर्णय से दो कदम आगे बढ़ते हुए मोदी सरकार (Modi Government) की एक नई रणनीतिक पहल जम्मू कश्मीर और लद्दाख के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है। ये पहल है इन दोनों नए केन्द्रशासित प्रदेशों का नया आधिकारिक नक्शा (India New Map) जिसमे पुराने जम्मू कश्मीर का तो बड़ा भाग लद्दाख में नजर आ ही रहा है साथ ही साथ पाक अधिकृत कश्मीर (Pakistan Occupied Kashmir) और चीन अधिकृत कश्मीर (China Occupied Kashmir) भी लद्दाख क्षेत्र में समाहित नजर आ रहे हैं।

नरेन्द्र मोदी सरकार ने जो नया नक्शा जारी किया है उसमे जम्मू – कश्मीर और लद्दाख दो नए राज्य के रूप में नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही पाक अधिकृत कश्मीर का ज्यादातर हिस्सा जिसमे गिलगित बाल्टिस्तान (Gilgit Baltistan) आते हैं और चीन के कब्जे वाले अक्साई चिन (Aksai Chin) को भी लद्दाख में शामिल दिखाया गया है। बात जम्मू कश्मीर ने नए नक़्शे की करें तो यह लद्दाख से बहुत छोटा नजर आ रहा है। नए नक़्शे में पाक अधिकृत कश्मीर की राजधानी मुज़फ्फराबाद (Muzaffarabad) को जम्मू-कश्मीर का भूभाग दिखाया गया है।

गौरतलब है की अब तक जम्मू कश्मीर के पाकिस्तान और चीन द्वारा कब्ज़ा किये गए भाग को क्रमशः POK और अक्साई चिन कहते थे पर अब इनके नाम कुछ अलग पुकारे जायेंगे। जहाँ जम्मू कश्मीर में शामिल पाकिस्तानी कब्जे वाले भूभाग को POK कहा जाएगा वहीं लद्दाख में आने वाले गिलगित- बाल्टिस्तान के भूभाग को POL (पाक अधिकृत लद्दाख/Pakistan Occupied Ladakh) तथा चीन के कब्जे वाले लद्दाख के भूभाग अक्साई चिन को COL (चाइना अधिकृत लद्दाख/China Occupied Ladakh) के नाम से जाना जायेगा।

New Jammu Kashmir Laddakh Map

इस भौगोलिक रणनीतिक बदलाव के अलावा मोदी सरकार जल्द ही जम्मू कश्मीर में परीसीमन कर सकती है। धारा 370 हटाये जाने से पहले से ही इस कदम की सुगबुगाहट चल रही है और अब लगता है की जल्द ही इस तरफ भी कदम बढाए जा सकते हैं। परिसीमन से खासकर के जम्मू कश्मीर के राजनैतिक भूलों को खत्म किया जाएगा। यहाँ दशकों से परीसीमन नहीं होने दिया गया है जिसके कारण यहाँ की राजनीति पर मुस्लिम बहुल कश्मीर के नेताओं का वर्चस्प रहा और हिन्दू बहुल जम्मू अपना राजनैतिक नेतृत्व खोता गया। इन्ही भूलों को नए सिरे से परीसीमन करवाने के बाद ठीक किया जा सकता है और इसका परिणाम भविष्य में यह भी हो सकता है की जम्मू कश्मीर के इतिहास में पहली बार हिन्दू बहुल जम्मू का कोई नेता निखर कर सामने आये।

मोदी सरकार द्वारा जारी किये गए इस नक़्शे का रणनीतिक महत्त्व बहुत बड़ा है। नई व्यवस्था में जहाँ एक तरफ जम्मू कश्मीर को पाकिस्तानी सीमा तक सिमित कर दिया गया है वहीं लद्दाख की सीमा पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन और तिब्बत से मिलती है। जम्मू कश्मीर के असर से पीछा छुड़ाने के बाद लद्दाख में विकास कार्य को बढ़ावा दे कर जहाँ भारत POL (पाक अधिकृत लद्दाख) और COL (चाइना अधिकृत लद्दाख) को पुनः भारत से मिलाने के लिए वैश्विक कूटनीति कर सकता है वहीं चीन पर तिब्बत (Tibet) के बहाने दवाब बनाने की रणनीति बनाने पर भी काम कर सकता है।

कायदे से पाकिस्तान एक असफल राष्ट्र है और शायद निकट भविष्य में POK को लेकर कुछ बड़ी गतिविधि देखने को भी मिल जाएगी पर भारत अब चीन के साथ दूरगामी वैश्विक कूटनीति खेलने की तैयारी में ज्यादा नजर आ रहा है जो अगले कुछ सालों में साफ़ होने लगेगा। जम्मू कश्मीर से लद्दाख को अलग करना इसी रणनीति का एक अहम कदम माना जा रहा है।

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1 thought on “जम्मू कश्मीर से बड़ा हुआ लद्दाख: जानें आखिर कैसे पाकिस्तान नहीं बल्कि चीन है मोदी के रडार पर

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