इस दिवाली सच हुआ चीनी सामान के बहिष्कार वाला अभियान, पढ़ें इसमें कितनी सफलता मिली?

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This Diwali the campaign for boycott of Chinese goods came true

हमारे दो पड़ोसी देश पाकिस्तान और चीन से आजादी के बाद से ही सम्बन्ध ख़राब रहे हैं. जहाँ पाकिस्तान की एक देश के तौर पर असफलता ने उसे भारत से कोसों पीछे कर दिया वहीं हमारा दूसरा पड़ोसी चीन हमसे आगे है और एक महाशक्ति है. ऐसे में भारत में हमेशा चीन के विरुद्ध बातें होती रहती हैं. इन्ही बातों में एक है चीनी सामान के बहिष्कार का अभियान (Boycott of Chinese Goods). ज्ञात हो की चीन में बने सामान भारत में खूब बिकते हैं. दिवाली होली और ऐसे कई त्योहारों पर भी चीन से आये सामान की बिक्री जैम कर होती है. इसी को देखते हुए कई संगठन चीन के सामान को ना खरीदने और इसका बहिष्कार करने की बात हमेशा करते रहते हैं. पहले इन बातों का कोई असर नजर नहीं आता था पर इस बार गुजरी दिवाली में इसका बहुत अच्छा असर देखने को मिला है और चीनी सामान के बिक्री में 60% तक कि गिरावट देखने को मिली है.

कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के द्वारा चीनी उत्पादों की बिक्री से सम्बंधित जारी किये गए आंकड़े में यह बड़ी गिरावट साफ़ देखने को मिलती है. बता दें की कैट ने दिवाली के त्यौहार के दौरान देश के कुल 21 बड़े सिटीज में इसको लेकर एक सर्वे किया और इसी सर्वे से ये चौकाने वाले नतीजे देखने को मिले हैं.

साल 2018 की दिवाली में अनुमानित तौर पर बिक्री किये गए चीनी सामग्रियों पर खर्ज हुए भारतीय पैसे का आंकडा लगभग 8000 करोड़ रुपये था वहीं यह आंकडा इस वर्ष की दिवाली के दौरान घटकर महज 3200 करोड़ रुपये तक पहुँच गया. इन आंकड़ोंपर बात करते हुए कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल कहते हैं कि, ‘इस साल हमने दीवाली के त्योहार पर चीनी उत्पादों का बहिष्कार करने के लिए जुलाई के महीने में ही देश भर के व्यापारियों और आयातकों को अग्रिम सलाह दी थी और परिणामस्वरूप आयातकों ने चीन से बेहद कम मात्रा में माल आयात किया और दूसरी तरफ व्यापारियों ने भी स्वदेशी सामान खरीदने पर ज्यादा जोर दिया और यही कारण था की इस वर्ष दिवाली त्यौहार में चीनी उत्पादों की उपलब्धता बेहद कम थी.’

कैट के सी सर्वे में करीब 85% व्यापारियों ने कहा कि वे इस बार दिवाली त्योहार पर चीनी उत्पादों की बिक्री में गिरावट देख रहे हैं वहीं बाकी बचे 15% व्यापारियों का यह मानना था कि अभी भी भारत में चीनी सामान खूब बिक रहा है. बता दें की यह सर्वे दिवाली के दौरान पड़ने वाले दिनों 24 अक्टूबर से 29 अक्टूबर के मध्य हुआ. इसमें जिन 21 सिटीज को शामिल किया गया वे थे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बंग्लुरु, हैदराबाद, रायपुर, नागपुर, पुणे, भोपाल, जयपुर, लखनऊ, कानपुर, जम्मू, कोयम्बटूर, भुवनेश्वर, अहमदाबाद, रांची, तिनसुकिया, देहरादून, पांडिचेरी और कोलकाता.

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