योगी आदित्यनाथ के सामने प्रियंका वाड्रा की ‘1000 बस’ वाली पोलिटिकल चाल उल्टी पड़ी

Priyanka Vadra's 1000 bus political move in front of Yogi Adityanath backfired
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प्रवासी मजदूरों के मसले पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के बीच खींचतान चल रही है। इसकी शुरुआत प्रियंका वाड्रा ने प्रवासी मजदूरों के लिए अपनी तरफ से 1 हजार बसें चलाने का प्रस्ताव योगी आदित्यनाथ को देकर किया था। प्रियंका के इस कदम के काउंटर में आज योगी आदित्यनाथ ने एक पत्र लिख कर प्रियंका के 1 हजार बसें चलाने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।

गौरतलब है की कल यानी 17 मई को प्रियंका वाड्रा ने एक वीडियो ट्वीट करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ से कहा की “आदरणीय मुख्यमंत्री जी, मैं आपसे निवेदन कर रही हूँ, ये राजनीति का वक्त नहीं है। हमारी बसें बॉर्डर पर खड़ी हैं। हजारों श्रमिक, प्रवासी भाई बहन बिना खाये पिये, पैदल दुनिया भर की मुसीबतों को उठाते हुए अपने घरों की ओर चल रहे हैं। हमें इनकी मदद करने दीजिए। हमारी बसों को परमीशन दीजिए।”

बहरहाल योगी सरकार ने प्रियंका गांधी के बस भेजने के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने प्रियंका गांधी वाड्रा को इस मुद्दे पर लिखे जवाबी पत्र में कहा है कि “मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए अपने स्तर पर 1,000 बसों को चलाने के आपके प्रस्ताव को स्वीकार किया जाता है।”

इसके साथ ही उत्तरप्रदेश सरकार की तरफ से कांग्रेस पार्टी और प्रियंका वाड्रा से एक हजार बसों की सूची, चालक और परिचालक का नाम तथा अन्य विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया है, जिससे इनका उपयोग प्रवासी श्रमिकों की सेवा में किया जा सके।

बहरहाल योगी आदित्यनाथ ने एक तरफ जहां आधिकारिक तौर पर प्रियंका का अनुरोध स्वीकार किया वहीं इसके साथ साथ उन्होंने राजनितिक प्रहार भी किया और एक के बाद एक कई ट्वीट्स के माध्यम से उन्हें घेरा।

सीएम योगी ने कांग्रेस से पूछा की “जब आपके पास 1000 बसें थीं, तो राजस्थान और महाराष्ट्र से ट्रकों में भरकर हमारे साथियों को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड व बंगाल क्यों भेज रहे हैं? औरैया में हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना से पूरा देश आहत है। एक ट्रक पंजाब से और दूसरा राजस्थान से आ रहा था। क्या कांग्रेस और प्रियंका गांधी जी इस दुर्घटना की जिम्मेदारी लेंगी? हमारे साथियों से माफी मांगेंगी?”

उन्होंने पूछा की “देशभर में जितनी भी श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चल रही है उनमें से आधी से ज्यादा ट्रेनें उत्तर प्रदेश ही आईं है। अगर प्रियंका वाड्रा जी को हमारी इतनी ही चिंता है तो वो हमारे बाकी साथियों को भी ट्रेनों से ही सुरक्षित भेजने का इंतजाम कांग्रेस शासित राज्यों से क्यों नहीं करा रहीं?”

उन्होंने पूछा की “प्रियंका गांधी जी कहती हैं कि उनके पास 1000 बसें हैं। यह और बात है कि अब तक इन बसों की सूची तक उपलब्ध नहीं कराई गई, न ही हमारे साथियों की। बसों और हमारे साथियों की सूची उपलब्ध करा दी जाए, जिससे उनके कार्य ट्विटर नहीं धरातल पर दिखें।

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